ब्रिटेन में 30 साल की सबसे बड़ी देशव्यापी रेल हड़ताल के कारण हजारों लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारी संगठनों और रेल कंपनियों के बीच वेतन और नौकरी की सुरक्षा को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। इस वजह से 40 हजार कर्मचारियों ने मंगलवार यानी आज, गुरुवार और शनिवार को सर्विस के वॉकआउट करने का फैसला किया।
इस हड़ताल की वजह से रोजाना चलने वाली लगभग 20 हजार ट्रेनों में से सिर्फ 4500 ही चालू हैं। कई रेल कंपनियों के कर्मचारी हड़ताल पर नहीं गए है, लेकिन नेटवर्क रेल सिग्नलर्स के बाहर जाने की वजह से ट्रेनों की आवाजाही में दिक्कत हो रही है।ब्रिटेन के ज्यादातर इलाकों में पूरे दिन कोई पैसेंजर ट्रेन नहीं चली। इस वजह से स्कॉटलैंड, वेल्स, कॉर्नवाल, लिंकन और वॉर्सेस्टर जैसे इलाकों में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। हालांकि, राहत भरी खबर यह रही कि कुछ मुख्य स्टेशन्स पर सर्विस जारी रही, लेकिन वो भी सिर्फ सुबह 7.30 बजे से शाम 6.30 बजे के बीच खुली रहीं।दूसरी तरफ बुधवार, शुक्रवार और रविवार को भी रेल ट्रांसपोर्ट में दिक्कत की आशंका है। वहीं, लंदन के मेट्रो कर्मचारी भी आज 24 घंटे हड़ताल पर हैं, इस वजह से राजधानी का मेट्रो ट्रांसपोर्ट सिस्टम ठप गया है। सोमवार को नाकाम हुई बातचीत के लिए दोनों पक्ष एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।