गोएयर की दो फ्लाइट में मंगलवार को खराबी के मामले सामने आए हैं। इनमें से एक A320 फ्लाइट मुंबई से लेह जा रही थी। इसके इंजन में खराबी बताई गई है। दूसरी फ्लाइट VT-WG G8-6202 ने श्रीनगर से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। इन दोनों फ्लाइट्स को श्रीनगर और दिल्ली में लैंड कराया गया है। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन ( DGCA) ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। इससे पहले 5 जुलाई को दिल्ली से पटना जा रही गोएयर की फ्लाइट में तकनीकी खराबी आने के कारण उसे दिल्ली लौटाया गया था।रविवार को एक के बाद एक दो भारतीय एयरलाइन कंपनियों की इंटरनेशनल फ्लाइट्स को तकनीकी गड़बड़ी के चलते डायवर्ट किया गया था। कालिकट से दुबई जा रहे एअर इंडिया एक्सप्रेस के विमान को मस्कट में लैंड कराया गया था। इससे कुछ घंटे पहले शारजाह से हैदराबाद आ रहे इंडिगो के प्लेन की पाकिस्तान के कराची में लैंडिंग कराई गई थी।
14 जुलाई को दिल्ली से वडोदरा जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट 6E-859 की जयपुर में इमरजेंसी लैंडिंग हुई थी। बताया गया था कि विमान में कुछ तकनीकी खराबी आई थी, जिसके बाद एहतियात के तौर पर उसकी आपात लैंडिंग कराई गई थी। 14 जुलाई को ही दिल्ली से मणिपुर की राजधानी इंफाल जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-2615 को खराब मौसम के चलते कोलकाता एयरपोर्ट पर उतारना पड़ा था। इस विमान में 141 यात्री सवार थे।
5 जुलाई को स्पाइसजेट विमान के एक के बाद एक दो हादसे होते-होते रह गए थे। पहला मामला सुबह का था, जब दिल्ली से दुबई जा रहे विमान में तकनीकी खराबी की वजह से पाकिस्तान के कराची में लैंडिंग करानी पड़ी थी। बताया गया था कि फ्यूल लीक होने की वजह से फ्लाइट की कराची में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी।
दूसरा मामला कांडला से मुंबई जा रहे विमान का था, जब हवा में करीब 23 हजार फीट की ऊंचाई पर स्पाइसजेट के विमान के विंडशील्ड आउटर पेन में दरार आ गई। जिसके बाद विमान को मुंबई में सुरक्षित उतारा गया।
कुछ दिनों से यात्री विमानों में तकनीकी खराबी से आपात लैंडिंग के मामलों में तेज बढ़ोतरी देखी जा रही है। अब इसे लेकर डीजीसीए ने सख्ती दिखाई है। किसी भी एयरलाइंस के विमान को बेस या एयरपोर्ट से तभी उड़ान भरने की इजाजत दी जाएगी, जब लाइसेंस प्राप्त स्टाफ ने उसकी सुरक्षा को लेकर मंजूरी दे दी हो।
दरअसल, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अफसरों ने हाल ही में कई फ्लाइट्स में स्पॉट चैकिंग की थी। इसकी रिपोर्ट के बाद नए निर्देश जारी किए गए हैं। अफसरों ने कहा है कि डीजीसीए के आदेश का पालन 28 जुलाई तक शुरू कर दिया जाना चाहिए। इस आदेश की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि पिछले एक महीने में ही स्पाइसजेट और इंडिगो जैसी एयरलाइंस के विमानों की तकनीकी खराबी के चलते आपात लैंडिंग कराई गई है।