कॉमनवेल्थ गेम्स में बुधवार को छठे दिन के मुकाबले चल रहे हैं। भारत और कनाडा के बीच पुरुष हॉकी मैच खेला जा रहा है। तीसरे क्वार्टर तक टीम इंडिया ने कनाडा पर 5-0 की बढ़त बना ली है। पहला गोल हरमनप्रीत सिंह ने दागा तो वहीं, दूसरा गोल अमित रोहिदास ने किया। मैच के दूसरे क्वार्टर में ललित उपाध्याय और गुरजंत सिंह ने कनाडा को दो और झटके दिए और भारत के लिए तीसरा और चौथा गोल कर दिया। तीसरे हाफ में आकाशदीप सिंह ने एक और गोल करते हुए 5-0 की बढ़त बना ली।
भारतीय महिला हॉकी टीम ने रोमांचक मुकाबले में कनाडा को 3-2 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। भारत के लिए पहला गोल सलिमा टेटे ने और दूसरा गोल नवनीत कौर ने किया। वहीं, तीसरा गोल लालरेसमियामी ने दागा। वहीं, कनाडा के लिए पहला गोल ब्रिएन स्टेयर्स और दूसरा गोल हन्ना ह्यून ने किया।
भारत ग्रुप में चार में से तीन मैच जीतने में सफल रहा है। उसने घाना को 5-0 से और वेल्स को 3-1 से हराया था। वहीं, इंग्लैंड के खिलाफ टीम को हार का सामना करना पड़ा था।महिला बॉक्सिंग में नीतू सिंह सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं। इसके साथ ही उन्होंने कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पदक पक्का कर लिया है। उन्होंने क्वार्टर फाइनल मैच में उत्तरी आयरलैंड की निकोल क्लॉयड को हराया। वहीं, मोहम्मद हुसामुद्दीन ने भी बॉक्सिंग में एक मेडल पक्का कर लिया है। उन्होंने 57 KG वेटकैटेगरी में नामीबिया के ट्राईअगेन मॉर्निंग डेवेलो को 4-1 से हरा दिया।
वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह ने 109 KG वेट कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने स्नैच में 163 और क्लीन एंड जर्क में 192 KG का वेट उठाया। इस तरह उन्होंने 355 KG वेट उठाकर तीसरा स्थान हासिल किया। कैमरून के वेटलिफ्टर जूनियर गाद्जा (361 KG) ने गोल्ड और समोआ के जैक ओपिलोगी (358 KG) ने सिल्वर मेडल हासिल किया। भारत के नाम अब तक 14 मेडल हो चुके हैं।
लवप्रीत ने स्नैच के अपने पहले प्रयास में 157, दूसरे में 161 और तीसरे में 163 KG वेट उठाया है। क्लीन एंड जर्क राउंड के पहले अटेम्प्ट में उन्होंने 185 KG, दूसरे में 189 और तीसरे में 192 KG वेट उठाया।
पांचवें दिन महिला लॉन बॉल्स के फाइनल में टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका को 17-10 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।कॉमनवेल्थ गेम्स के 92 साल के इतिहास में पहला मौका है, जब भारतीय लॉन बॉल्स महिला टीम ने कोई मेडल जीता है। फाइनल मैच में भारतीय खिलाड़ी लवली चौबे, पिंकी, नयनमोनी सैकिया और रूपा रानी टिर्की ने शानदार प्रदर्शन किया।
1930 से कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत हुई। पहले टूर्नामेंट से ही लॉन बॉल्स कॉमनवेल्थ का हिस्सा है, लेकिन भारतीय महिला टीम कभी इसमें कोई भी मेडल नहीं जीत सकी थी। 2010 में नई दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय पुरुष और महिला टीम पहली बार लॉन बॉल्स के लिए क्वालिफाई कर सकी थी।लॉन्ग जंप में भारत के श्रीशंकर मुरली और मोहम्मद अनीस ने फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया है। साथ ही शॉटपुट विमेंस में मनप्रीत ने मेडल राउंड में जगह बना ली है। मेंस लॉन्ग जंप इवेंट के क्वालिफाइंग राउंड में केरल के श्रीशंकर ने पहली ही छलांग में 8.05 मीटर की दूरी मापते हुए फाइनल में जगह बनाई है। वहीं, मोहम्मद अनीस 7.68 मीटर की छलांग के साथ 8वें स्थान पर रहते हुए फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। साथ ही शॉटपुटर मनप्रीत 16.98 मीटर के साथ 7वें स्थान पर रहीं।