मानसून के 81 दिनों में प्रदेश के 16 जिले बारिश से तर हो गए। इन जिलों में 20 से 56 फीसदी तक ज्यादा पानी गिर चुका है। यही नहीं, बीजापुर में सबसे ज्यादा 111 फीसदी अधिक पानी बरसा है। इन जिलों में अच्छी बारिश के कारण ही यह माना जा रहा है कि इस साल पूरे प्रदेश में मानसून अच्छा रहा है।
मानसून सीजन में अब तक 945.3 मिमी बारिश हो चुकी है, जो औसत से 15 फीसदी ज्यादा है। सीजन को अभी 41 दिन शेष हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस दौरान लगभग 200 मिमी बारिश हो गई तो मानसून का कोटा पूरा हो जाएगा। प्रदेश में मानसून के दौरान औसत 1143.3 मिमी बारिश होती है। बचे हुए दिनों में बंगाल की खाड़ी में एक-दो मजबूत सिस्टम बनने पर अच्छी बारिश हुई तो इन जिलों में कमी पूरी हो सकती है। प्रदेश में जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश हुई है।
इसकी वजह से प्रदेश के सभी जिलों औसत से ज्यादा पानी गिर चुका है। उत्तरी छत्तीसगढ़ के छह जिलों सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया, बेमेतरा, बलरामपुर और जशपुर में 22 से 55 फीसदी तक कम पानी गिरा है। वैसे अगस्त के पिछले 20 दिनों में प्रदेश में 48 फीसदी से ज्यादा पानी गिर चुका है। बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम से एक बार फिर छग में फिर से बारिश शुरू हो गई है। उत्तरी छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटे के दौरान भारी वर्षा हुई। अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्य बारिश रिकाॅर्ड की गई। मौसम विभाग ने रविवार को भी राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई है।
पिछले 24 घंटे के दौरान बलरामपुर के कुसमी में सबसे ज्यादा 90 मिमी बारिश हुई। सूरजपुर के ओड़गी में भी इस दौरान 80 मिमी पानी गिर गया। बस्तर और फरसगांव में 60-60 मिमी पानी बरसा। बस्तर के ज्यादातर हिस्सों में इस दौरान हल्की से मध्यम वर्षा रिकार्ड की गई। शनिवार को दिनभर आसमान में बादल रहे। कई जगहों पर वर्षा भी हुई। पेंड्रारोड में 23.8 मिमी पानी गिर गया। अंबिकापुर में 20.4 मिमी बारिश हुई। बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, जगदलपुर में भी हल्की वर्षा हुई।