दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को विधानसभा में विश्वासमत प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव से पहले भाजपा विधायकों ने सीवर-पानी और भ्रष्टाचार पर चर्चा कराने की मांग की, जिसके बाद सभी विधायकों को पूरे दिन के लिए सदन से बाहर कर दिया गया। इधर, आप के सभी विधायक LG विनय कुमार सक्सेना के इस्तीफे की मांग को लेकर पूरी रात दिल्ली विधानसभा के भीतर धरना देंगे।
AAP विधायक दुर्गेश पाठक ने विधानसभा के भीतर उप-राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना पर गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा- जब LG खादी और ग्रामोद्योग विभाग में थे, उस वक्त विनय सक्सेना ने 1400 करोड़ रुपए का घोटाला किया है।दिल्ली विधानसभा में कुल 70 सीटें हैं। सत्ताधारी AAP के पास 62 और भाजपा के पास 8 विधायक हैं। AAP के पास दो तिहाई से ज्यादा बहुमत होने के बावजूद केजरीवाल ने विश्वासमत प्रस्ताव पेश किया।इसके पीछे 2 बड़ी वजह है।साल 1999 में लोकसभा में विश्वास से भरे तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपनी सरकार के पक्ष में विश्वास प्रस्ताव लोकसभा में पेश किया था। इस पर जमकर बहस हुई। इस दौरान देश के लोगों को संसदीय इतिहास के कुछ बेहतरीन तर्क-वितर्क सुनने को मिले। अंत में हुए मतदान में वाजपेयी सरकार एक मत से गिर गई। संसद में एक मत से सरकार गिरने की घटना को ऐतिहासिक माना जाता है।