टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री का रविवार दोपहर सड़क दुर्घटना में निधन हो गया। हादसा मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर हुआ। मिस्त्री गुजरात के उदवाड़ा में बने पारसी मंदिर से लौट रहे थे। पुलिस के मुताबिक 54 साल के मिस्त्री की मर्सिडीज GLC 220 कार पालघर के कासा के पास चरोटी गांव में सूर्या नदी के पुल पर रोड डिवाइडर से टकराई थी। टक्कर के बाद मर्सिडीज के एयरबैग भी खुले, लेकिन मिस्त्री समेत दो लोगों की मौत हो गई। कार में कुल चार लोग सवार थे।शुरुआती जानकारी के मुताबिक मर्सिडीज के ड्राइवर ने कार से कंट्रोल खो दिया था। इसके बाद वह रोड डिवाइडर से टकरा गई। पुलिस ने मर्सिडीज कार में सवार लोगों की डीटेल जारी की है। एक्सीडेंट में साइरस मिस्त्री के साथ जहांगीर दिनशा पंडोले की भी जान चली गई है। वहीं, अनायता पंडोले (महिला) और उनके पति दरीयस पंडोले घायल हुए हैं। अनायता मुंबई में डॉक्टर हैं और कार वही ड्राइव कर रही थीं। उनके पति दरीयस पंडोले JM फाइनेंशियल के CEO हैं। जहांगीर पंडोले, दरीयस के पिता थे। शवों का पोस्टमार्टम जे जे अस्पताल में किया जाएगा।
उदवाड़ा के जिस फायर टेंपल से लौटते समय मिस्त्री की कार का एक्सीडेंट हुआ, वहां के पुजारी ने कहा कि इस खबर से पूरे पारसी समाज को आघात लगा है। पिता पालोनजी के बाद साइरस ने हमारे ईरानशाह (फायर टेंपल) का रेनोवेशन करवाया। शापोरजी पालोनजी ग्रुप ने पारसी समाज के विकास के लिए सबसे ज्यादा दान दिया है।
यहां की देखरेख और धर्मशाला के रेनोवेशन का सारा खर्च वे ही उठाते हैं। यहां कोई भी कार्यक्रम होता था, तो सबसे पहले उनके परिवार के लोग यहां पहुंचते थे। हम दुआ करते हैं कि ईरानशाह उनके परिवार को दुख सहन करने की हिम्मत दे।