चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मैटेरियल (CSEM) के मामले में CBI की टीम ने 19 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के 56 जगहों पर छापेमारी की। यह छापेमारी ऑपरेशन मेघचक्र के तहत की गई है। सिंगापुर और न्यूजीलैंड की इंटरपोल यूनिट के इनपुट्स के आधार पर CBI ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया है।
CBI ने जानकारी दी कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़े कई ऐसे गैंग चिह्नित किए गए हैं, जो चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मैटेरियल का बिजनेस करते हैं। इसके अलावा ये लोग बच्चों को फिजिकली ब्लैकमेल भी करते हैं।
CBI अप्रैल में इंटरपोल के इंटरनेशनल एंटी चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज डेटाबेस का हिस्सा बनी थी। अत्याधुनिक एनालिटिक्स सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से आरोपियों की पहचान जल्द हो सकेगी। जांच एजेंसी 67 देशों की एजेंसियों के एक चुनिंदा समूह में है, जो डेटाबेस से जुड़ी हैं।जानकारी के मुताबिक इंटरनेशनल इंटरपोल यूनिट के पास करीब 27 लाख से अधिक फोटो और वीडियो वाला डेटाबेस है, जो दुनियाभर में हर दिन सात पीड़ितों की पहचान करने में मदद करता है। इस डेटाबेस के मुताबिक अब तक 27 हजार से अधिक पीड़ितों और 12 हजार से अधिक आरोपियों की पहचान की गई है। यह सॉफ्टवेयर न केवल जांच अधिकारियों के बीच जानकारी साझा करने में मदद करता है, बल्कि समय भी बचाता है।