अपने बिहार दौरे के दूसरे दिन शनिवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इंडो-नेपाल बॉर्डर के फतेहपुर SSB कैंप पहुंचे। यहां उन्होंने जवानों संबोधित करते हुए झारखंड के बूढा पहाड़ और बिहार के भीमबांध को नक्सल मुक्त बनाने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि खुली सीमा पर ड्यूटी करना आसान नहीं होता। शाह ने कहा कि SSB के जवानों की वजह से ही आज नक्सलवाद खत्म होने कगार पर है।
गृहमंत्री ने जवानों के साथ ही लंच किया। उन्होंने SSB कैपों में BOP फतेहपुर का दौरा और फतेहपुर, पेकटोला, बेरिया, आमगाछी और रानीगंज BOP भवनों का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने BSF अफसरों के साथ सीमा सुरक्षा पर बैठक की। एसएसबी बीएसएफ और सीआरपीएफ के जवानों के साथ बैठक करने के बाद वे दोबारा किशनगंज पहुंचे। वहां उन्होंने पूर्णिया प्रमंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें बिहार प्रभारी विनोद तावड़े, प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल व अन्य सभी वरिष्ठ नेतागण मौजूद रहे। किशनगंज में बैठक के बाद वे चुनापुर हवाई अड्डा गए जहां विशेष फ्लाइट से वे दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
इससे पहले गृहमंत्री ने बूढ़ी काली मंदिर करीब 15 मिनट तक पूजा-अर्चना की। आरती में शामिल हुए। पंडितों का आशीर्वाद लेने के बाद वो मंदिर से निकल गए। इस मंदिर में आने वाले अमित शाह देश के पहले गृहमंत्री हैं। इस मंदिर के लिए मुस्लिम नवाब ने जमीन दी थी। मंदिर में पूजा से पहले शाह ने कोर कमिटी की बैठक भी ली।