अपने गुजरात दौरे के दूसरे दिन पीएम नरेंद्र मोदी ने केवडिया में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात की। मुलाकात के बाद दोनों नेताओं ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में ‘मिशन लाइफ’ (लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरनमेंट) अभियान की शुरुआत की। इस मिशन का उद्देश्य त्रिस्तरीय रणनीति को लागू करके जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का मुकाबला करना है। इस मौके पर विदेश मंत्री एस जयशंकर और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद रहे।अपने संबोधन में पीएम ने कहा- मुझे खुशी है कि दुनिया के देश मिशन लाइफ के लिए आगे आए। क्योंकि, परिवर्तन के लिए वैश्विक एकता आज की सबसे बड़ी जरूरत है। ‘मिशन लाइफ’ हमें पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्रेरित करता है। हम अपनी लाइफस्टाइल को ठीक करके पर्यावरण को बचा सकते हैं। यह आयोजन हमारे राष्ट्रीय गौरव सरदार वल्लभ भाई पटेल की विशाल प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के सानिध्य में हो रहा है। क्लाइमेट चेंज के खिलाफ लाइफ में यूनिटी ही सबसे अहम फैक्टर है। गुजरात, भारत के उन राज्यों में से एक है, जिसने सबसे पहले नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में काम करना शुरू कर दिया था।उन्होंने आगे कहा कि चाहे बात नहरों पर सोलर पैनल लगाने की हो या सूखाग्रस्त इलाकों में जलस्तर उठाने के लिए जल संरक्षण के अभियान हों, गुजरात हमेशा ट्रेंडसेटर रहा है. क्लाइमेट चेंज को लेकर ऐसी धारणा बना दी गई है जैसे यह सिर्फ पॉलिसी से जुड़ा विषय है। यह लाइफस्टाइल ऑफ द प्लैनेट, फॉर द प्लैनेट एंड बाय द प्लैनेट के मूल सिद्धांत पर चलता है। मिशन लाइफ हमें प्रेरित करता है कि हम सब अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में ऐसा बहुत कुछ कर सकते हैं, जिससे पर्यावरण की सुरक्षा हो। मिशन लाइफ मानता है कि अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करके पर्यावरण की रक्षा की जा सकती है। मिशन लाइफ इस धरती की सुरक्षा के लिए जन-जन की शक्तियों को जोड़ता है और उनका बेहतर इस्तेमाल करना सिखाता है।