छत्तीसगढ़ के किसी भी जिले में नेशनल हाइवे की सड़कों के किनारे पुराने कारोबारी या नया व्यापार शुरू करने वाले हजारों लोगों के सामने नई समस्या खड़ी हो गई है। अगर उनकी दुकान प्रोजेक्ट या अन्य एनएच की सड़कों से सीधे जुड़ रहे हैं तो उन्हें इन सड़कों के इस्तेमाल का एक्सेस परमिशन लेना पड़ेगा। पहला आवेदन स्थानीय एनएचआई डिपार्टमेंट में होगा, लेकिन एनओसी राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय दिल्ली से मिलेगी। इसमें तीन महीने का वक्त तय है। इसके अलावा राज्य से ली गई पहले की वह सारी एनओसी अमान्य कर दी गई है, जो उन्होंने अपने-अपने संस्थानों के लिए पूर्व की सड़कों के इस्तेमाल के लिए ली थी।
इसका आवेदन उनसे नए सिरे से करवाया जा रहा और एनओसी मिलने में चार से पांच महीने लग रहे। यह नियम इसलिए लागू किया गया है क्योंकि ये सारे संस्थान नेशनल हाइवे की सड़कों का उपयोग अपने संस्थानों की सड़कों को जोड़ने में कर रहे हैं। एनएच के अधिकारी बिलासपुर में 70 कारोबारियों को नोटिस भेज चुका है। प्रदेश में 500 को नोटिस गया हैउन्हें एनएच से अपने संस्थानों तक सड़कों के निर्माण के मापदंड बताए जा रहे हैं। इसके लिए 57 पेज की जानकारी भेजी जा रही।