छत्तीसगढ़ सरकार ने स्काई वॉक मामले की जांच एसीबी और ईओडब्ल्यू (EOW) को सौंपने का फैसला किया है। 77 करोड़ की परियोजना का जान बूझकर 2 बार इस्टीमेट तैयार किया गया था। ताकि PFIC से मंजूरी की आवश्यकता न रहे। PFIC के जरिए किसी भी परियोजना के जनहित के संबंध में परीक्षण किया जाता है, जोकि स्काई वॉक निर्माण में नहीं किया गया है।
अब पूरे मामले में कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा है कि, भाजपा को नाम बदलकर भ्रष्ट जनता पार्टी नाम रख लेना चाहिए। इससे पहले भी कई बार स्काईवॉक को लेकर बीजेपी-कांग्रेस एक दूसरे पर सवाल उठा चुकी है।
विधानसभा निर्वाचन 2018 की अधिसूचना जारी रहने के दौरान ही लोक निर्माण विभाग की ओर से पुनरीक्षण प्रस्ताव तैयार कर 5 दिसम्बर 2018 को वित्त विभाग को भेजा गया, जो आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है। स्पष्ट है यह कार्य विभाग के कुछ अधिकारियों और ठेकेदार को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया है।