प्रदेश में एक बार फिर से बिजली के दाम बढ़ा दिए गए हैं। इसे लेकर अब सियासी बयान बाजी का माहौल है। कांग्रेस इसके पीछे केंद्र की मोदी सरकार को जिम्मेदार बता रही है। भाजपा ने कांग्रेस पर जनता को लूटने का आरोप लगाया है। गुरुवार को इस मामले में खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बयान दिया, उन्होंने आधिकारिक तौर पर वजह भी बताई कि आखिर क्यों 49 पैसे VCA चार्ज बढ़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा- वैरएिबयल कॉस्ट एडजसटमेंट बढ़ी है, प्रदेश को बिजली तीन तरह से मिलती है। एक तो राज्य सरकार के पावर प्लांट हैं उससे, दूसरा एनटीपीसी से और तीसरा बाजार से खरीदना होता है। डिमांड होती है तो प्राइवेट पार्टी से जो रेट होता है प्रदेश की सरकार लेती है। अब एनटीपीसी ने अपना रेट बढ़ा दिया है। कीमतों पर असर दो वजह से पड़ा है। कोयला और महंगे डीजल की वजह से।
एनटीपीसी कोयल उपयोग कर रही है। एक ताे देश के अंदर का कोयला होता है इसके साथ विदेश का कोयला मिलाया जाता है। देश के कोयले की कीमत 3800 सौ रुपए है, ट्रांसपोर्टिंग का चार्ज भी बढ़ा है, विदेशी कोयला 12 से 14 हजार रुपए का है। इसकी वजह से कीमतें बढ़ी है। इसके लिए पूरी तरह भारत सरकार जिम्मेदार है, देश में कोयला एनटीपीसी को नहीं मिला, विदेशी कोयला मिलाने के लिए सरकार की ओर से बाध्य किया जा रहा है।
भूपेश बघेल ने कहा कि इस महंगाई की मार आम आदमी पर पड़ रही है। छत्तीसगढ़ के लोगों पर तो दोहरी मार पड़ी है। एक तो कोयले की वजह से बिजली महंगी हो रही है। दूसरा ट्रेनों को बंद कर दिया गया। अब ऐसे में लोग कार, बस या फ्लाइट का सफर कर रहे हैं, ट्रेनें बंद है तो यात्रा महंगी हो गई और बिजली का बिल भी महंगा हो गया।