राज्य में अवैध निर्माण के नियमितीकरण के लंबित मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अकेले रायपुर में अवैध निर्माण के नियमितीकरण के लिए 549 आवेदन लगे हैं। रायपुर समेत कई जिलों में फाइलों के निराकरण में देरी पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर प्रकरणों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर करें। सीएम ने चेतावनी देते हुए कहा कि वे स्वयं प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा, जनता को राहत पहुंचाने के लिए यह नियम लाया गया है।
राज्य सरकार ने लोगों को अवैध निर्माण के नियमितीकरण कराने का मौका दिया है। इसका अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए जनता के बीच व्यापक प्रचार- प्रसार किया जाए। मुख्यमंत्री बघेल ने कैंप लगाकर मामले निपटाने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि निराकरण के लिए जिला नियमितीकरण प्राधिकार का गठन किया गया है। इसमें कलेक्टर को अध्यक्ष एवं एसपी, संबंधित नगरीय निकाय के आयुक्त, मुख्य नपा अधिकारी, विकास प्राधिकरण के सीईओ और नगर निवेश विभाग के प्रभारी अधिकारी सदस्य सचिव बनाए गए हैं।