प्रदेशभर के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लघु उद्योग के लिए नीति बनाने की प्लानिंग है। जिस पर सोमवार को कैबिनेट में निर्णय लिया जाएगा। यह बात रविवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरूर ब्लॉक के ग्राम सोरर में आयोजित सरहरगढ़ महोत्सव में कहीं। सीएम ने कहा कि चार साल से एथेनॉल प्लांट खोलने की फाइल पीएमओ में केंद्र के पास पड़ी है। एथेनॉल प्लांट के लिए अनुमति देने की मांग को लेकर आज से चार साल पहले फरवरी माह में ही केंद्र को पत्र भेजे थे।
लेकिन अब तक अनुमति नहीं मिल पाई है। अगर धान से पेट्रोल बनाने अनुमति मिले तो किसानों के उत्पादित धान का एक-एक दाना खरीदेंगे। वह भी खरीफ व रबी दोनों सीजन मंे। वर्तमान में एक एकड़ में 15 क्विंटल धान खरीदी हो रही है। किसानों की मांग है कि कम से कम 20 क्विंटल खरीदी की जाए, लेकिन केंद्र प्लांट खोलने अनुमति नहीं दे रही है, इस वजह से निर्णय नहीं ले पा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि गोबर पहले लीपने का काम आता था, अब पुताई के काम भी आ रहा है। शासकीय बिल्डिंग की पुताई गोबर के पेंट से होगी। स्कूलों की मरम्मत के लिए एक हजार करोड़ की व्यवस्था की गई है। जहां भवन विहीन विद्यालय है, वहां नए भवन का निर्माण करवाया जाएगा। जहां स्कूल की स्थिति खराब है, वहां नए सिरे से निर्माण कार्य होगा। रंगाई-पुताई पेंट से होगी। इस बार आखिरी बजट है। जनता अगर मौका देगी तो आगे भी काम करेंगे। लगभग एक साल होने वाला है, कर्जा नहीं लिया है। भाजपा शासित राज्यों में कर्ज लेने का सिलसिला अब तक जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल राज्य में 70 हजार हेक्टेयर में कोदो कुटकी लगा था। जो इस बार एक लाख 65 हजार हे. में लग चुका है यानी ढाई गुना ज्यादा। कोदो कुटकी का समर्थन मूल्य घोषित कर राजीव गांधी किसान न्याय योजना में शामिल कर चुके हैं। इसे मध्यान्ह भोजन में शामिल कराने केंद्र शासन ने अनुमति दे दी है। अब बच्चे कोदो कुटकी भी खाते नजर आएंगे। जानकारी के अनुसार प्रदेशभर में लगभग 35 हजार सरकारी प्राथमिक व माध्यमिक शाला संचालित हो रही है। कक्षा पहली से 8वीं तक अध्ययनरत बच्चों को मध्यान्ह भोजन दिया जाता है। कोदो कुटकी यानी मोटा अनाज, जो पौष्टिक होते हैं। इनमें फाइबर, मिनरल्स और अन्य आवश्यक पोषक तत्व मौजूद होते हैं।