केंद्रीय सांख्यिकी कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की ताजा वार्षिक रिपोर्ट -2022:छत्तीसगढ़ में आधे से ज्यादा श्रमिक साक्षर बड़े राज्यों को पछाड़ा

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की ताजा वार्षिक रिपोर्ट -2022:छत्तीसगढ़ में आधे से ज्यादा श्रमिक साक्षर बड़े राज्यों को पछाड़ा

हमारे छत्तीसगढ़ के आधे मजदूर यानी 49.8 फीसदी पढ़े- लिखे हैं। इस मामले में उन्होंने बड़े व विकसित राज्य माने जाने वाले गुजरात, तमिलनाडु महाराष्ट्र, तेलंगाना, दिल्ली, राजस्थान, आंध्रप्रदेश आदि को भी पीछे छोड़ दिया है। केवल हिमाचल प्रदेश 58.1 व सिक्किम 58 प्रतिशत ही हमसे आगे है।

महिलाओं की बात करें तो वे देश में तीसरे नंबर पर हैं। हमारी 39.2 प्रतिशत महिलाएं साक्षर हैं। उनसे आगे केवल सिक्किम 47.5 व हिमाचल प्रदेश 52.3 हैं। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की ताजा वार्षिक रिपोर्ट -2022 के अनुसार छत्तीसगढ़ में 60 प्रतिशत पुरुष मजदूर पढ़े-लिखे हैं। जबकि दादरा – नागर हवेली में 70.1 व सिक्किम 67.7 प्रतिशत सीजी से आगे हैं।

एपी में 62.5, गुजरात में 67.7, कर्नाटक में 61.2, पंजाब व तमिलनाडु में 61.1, त्रिपुरा में 60.7 एमपी में 61 प्रतिशत पुरुष श्रमिक शिक्षित हैं। मध्यप्रदेश में केवल 30.2 प्रतिशत मजदूर महिलाएं ही साक्षर हैं। छत्तीसगढ़ में गांवों में साक्षरता का प्रतिशत अच्छा है। गांवों में 51.2 प्रतिशत और शहरों में 43.6 प्रतिशत मजदूर शिक्षित हैं।

गावों में 60.4 प्रतिशत पुरुष व 42.2 प्रतिशत महिलाएं शिक्षित हैं। जबकि शहरों में 63.3 पुरुष व 25.8 प्रतिशत महिलाएं पढ़ी लिखी हैं। यानी गावों में महिला मजदूर ज्यादा और शहर के पुरुष मजदूर ज्यादा पढ़े-लिखे हैं। इधर, देश की राजधानी दिल्ली में केवल 34.8 प्रतिशत श्रमिक पढ़े-लिखे हैं। इनमें पुरुषों 57.5 व महिलाए 9.4 हैौं।

ओवर ऑल देश में 41.3 प्रतिशत मजदूर शिक्षित हैं। इनमें से शहरों में 39 और गावों में 42.2 प्रतिशत हैं। यानी गांवों में शिक्षित ज्यादा मजदूरी करते हैं। भौगोलिक परिस्थितियों की उपज कम होने की वजह से जमीन होते हुए भी कई लोग दूसरों के यहां काम करते हैं। खेती के बाद भवन निर्माण, कुली – रेजा, घरों में का काम भी करते हैं।

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