कोरबा जिले में इस बार आठ हजार किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड वितरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सैंपलिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ग्रामीण विस्तार अधिकारियों को बारिश से पहले सैंपल लेने का काम पूरा करना होगा। इसके बाद सैंपलिंग में परेशानी हो सकती है।केंद्र सरकार की योजना अंतर्गत मृदा परीक्षण के लिए कृषि अनुविभागीय कार्यालय में मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित किया गया है। विभाग की ओर से खेती-किसानी का काम शुरू होने से पहले खेतों से मिट्टी जांच के लिए सैंपल एकत्र करना होगा। इसकी प्रक्रिया शुरू होगी। मिट्टी का नमूना कृषि अनुविभागीय कार्यालय में स्थित मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला में भेजी जा रही है। साथ ही खेती-किसानी का काम शुरू होने से पहले स्वाइल हेल्थ कार्ड का वितरण करना होगा। ताकि किसानों को उनकी खेत का उर्वराशक्ति, पोषक तत्व सहित अन्य उर्वरता की सही जानकारी हो सके और उसी आधार पर खेत में उर्वरता बढ़ाकर फसल प्राप्त कर सके। स्वाइल हेल्थ कार्ड से किसानों के फसल में उत्पादन में वृद्धि होगी। गौरतलब है कि पिछले साल से एक बार फिर मिट्टी परीक्षण का कार्य शुरू हुआ है। तीन साल से स्वाइल हेल्थ कार्ड वितरण नहीं होने से किसानों को काफी परेशानी हुई थी।