जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को एक बड़ा आतंकी हमला हुआ। इस हमले में 28 लोगों की मौत हुई। पहलगाम की घटना को लेकर पीएम मोदी के आवास पर सीसीएस की बैठक हुई। इस बैठक के बाद विदेश मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत सिंधु जल समझौते से पीछे हट रहा है और भारत में पाकिस्तान उच्चायोग में कर्मचारियों की संख्या कम करने और भारत में मौजूद सभी पाकिस्तानियों को अगले 48 घंटे में देश छोड़ने के लिए कहा गया है।
सीसीएस ने लिये ये फैसले-
1- 1960 की सिंधु जल संधि तत्काल प्रभाव से स्थगित रहेगी, जब तक कि पाकिस्तान विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से सीमा पार आतंकवाद के लिए अपना समर्थन त्याग नहीं देता।
2- एकीकृत चेक पोस्ट अटारी को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाएगा। जो लोग वैध अनुमोदन के साथ सीमा पार कर चुके हैं, वे 1 मई 2025 से पहले उस मार्ग से वापस आ सकते हैं।
3- पाकिस्तानी नागरिकों को सार्क वीज़ा छूट योजना (एसवीईएस) वीज़ा के तहत भारत की यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पाकिस्तानी नागरिकों को अतीत में जारी किए गए किसी भी एसवीईएस वीज़ा को रद्द माना जाएगा। एसवीईएस वीज़ा के तहत भारत में मौजूद किसी भी पाकिस्तानी नागरिक के पास भारत छोड़ने के लिए 48 घंटे का समय है।
4- नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग में रक्षा/सैन्य, नौसेना और वायु सलाहकारों को अवांछित व्यक्ति घोषित किया गया है। उनके पास भारत छोड़ने के लिए एक सप्ताह का समय है। भारत इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग से अपने रक्षा/नौसेना/वायु सलाहकारों को वापस बुलाएगा। संबंधित उच्चायोगों में ये पद निरस्त माने जाएंगे। दोनों उच्चायोगों से सेवा सलाहकारों के पांच सहायक कर्मचारियों को भी वापस बुलाया जाएगा।
(5) उच्चायोग की कुल संख्या को वर्तमान 55 से घटाकर 30 कर दिया जाएगा, जो 1 मई 2025 तक और अधिक कटौती के माध्यम से किया जाएगा।