वैश्विक तनाव के बीच बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 852 अंक लुढ़का
23 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का रुख रहा। सेंसेक्स 852 अंक (1.09%) टूटकर 77,664 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी भी 205 अंक (0.84%) गिरकर 24,173 के स्तर पर आ गया। कारोबार के दौरान फार्मा और मीडिया सेक्टर में खरीदारी देखी गई, वहीं ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली हुई।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव का असर बाजार पर साफ दिखाई दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 22 अप्रैल की सीजफायर समयसीमा को आगे बढ़ा दिया है, लेकिन स्थिति अभी भी सामान्य नहीं हुई है। अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी जारी है, जबकि ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ में दो जहाजों को अपने नियंत्रण में ले लिया है।
दोनों देशों के बीच पहले दौर की बातचीत किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी थी। इसके बाद पाकिस्तान में दूसरे दौर की बातचीत की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन अब निवेशकों को इस दिशा में कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। इसी क्रम में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की इस्लामाबाद यात्रा भी स्थगित कर दी गई है।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। साउथ कोरिया का कोस्पी 58 अंक (0.90%) बढ़कर 6476 पर बंद हुआ, जबकि जापान का निक्केई 446 अंक (0.75%) गिरकर 59140 पर आ गया। वहीं हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 248 अंक (0.95%) टूटकर 25915 पर बंद हुआ।
दूसरी ओर, 22 अप्रैल को अमेरिकी बाजारों में तेजी दर्ज की गई। डाउ जोन्स 341 अंक (0.69%) बढ़कर 49490 पर, नैस्डैक 398 अंक (1.64%) चढ़कर 24658 पर और S&P 500 इंडेक्स 74 अंक (1.05%) बढ़कर 7138 पर बंद हुआ।
विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार पर दबाव बना रही हैं। 22 अप्रैल को FII/FPI ने 2,078.36 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, जबकि DII ने 1,048.17 करोड़ रुपए की शुद्ध बिकवाली की। इस महीने अब तक विदेशी निवेशकों ने कुल 44,281.38 करोड़ रुपए के शेयरों की बिकवाली की है, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 33,836.61 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की है।
इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखी गई है। ब्रेंट क्रूड ऑयल एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। बाजार में मांग मजबूत रहने और ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ को लेकर बढ़ती चिंताओं के चलते कीमतों में उछाल आया है, जिसे वैश्विक तेल आपूर्ति का प्रमुख मार्ग माना जाता है।
गौरतलब है कि इससे पहले 22 अप्रैल को भी बाजार दबाव में रहा था। उस दिन सेंसेक्स 757 अंक (0.95%) गिरकर 78,516 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 199 अंक (0.81%) की गिरावट के साथ 24,378 पर आ गया था।