मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को उज्जैन की कालिदास अकादमी परिसर में आयोजित दिव्यांगजन उपकरण वितरण शिविर को संबोधित किया। उन्होंने दिव्यांगजनों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि परमात्मा ने उन्हें विशिष्ट शक्तियां प्रदान की हैं, इसलिए वे स्वयं को कम न आंकें। उन्होंने महर्षि अष्टावक्र का उदाहरण दिया, जो दिव्यांग होते हुए भी शास्त्रार्थ में अत्यंत विद्वान थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा सप्ताह के तहत ये उपकरण वितरित किए जा रहे हैं, जो न केवल मानव सेवा है बल्कि आत्मिक सुख भी प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि श्रवण यंत्र जैसे उपकरणों के उपयोग से जो सुखद अनुभव होता है, उसका अपना महत्व है। डॉ. यादव ने ‘नर सेवा ही वास्तविक अर्थों में ईश्वर की सेवा है’ का संदेश देते हुए सभी को कठोर परिश्रम करने और सफलता प्राप्त करने की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 146 दिव्यांग हितग्राहियों को लगभग 1.25 करोड़ रुपये की लागत से उपकरण वितरित किए। इनमें स्कूटी, स्पेशलाइज़्ड ट्राइसाइकिल, वॉकिंग स्टिक्स, मोटराइज्ड व्हीलचेयर और कान की मशीन शामिल थीं। उन्होंने कहा कि मोटराइज्ड व्हीलचेयर और स्कूटी मिलने से दिव्यांग भाइयों और बहनों को रोजगार में सहायता मिलेगी और उनके दैनिक कार्यों में सरलता आएगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिले की 6 नगर परिषदों (माकडोन, उन्हेल, नागदा, खाचरौद, तराना और बड़नगर) को शव वाहन भी वितरित किए और इलेक्ट्रिक स्कूटर चालकों को चाबी सौंपकर हरी झंडी दिखाई।
सांसद श्री अनिल फिरोजिया ने किसानों के हित में फसल क्षति पर राहत राशि देने और उचित भाव दिलाने के लिए भावांतर योजना की शुरुआत करने के मुख्यमंत्री के निर्देशों की सराहना की।