मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को निवाड़ी जिले के ओरछा में श्रीराम राजा लोक के दूसरे चरण के निर्माण कार्यों का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने ओरछा सहित निवाड़ी जिले के लिए ₹332.85 करोड़ से अधिक के 21 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम ने ओरछा को अपने दरबार के लिए चुना, जिससे ओरछावासी बहुत सौभाग्यशाली हैं। उन्होंने राम को उनके गुणों, आचरण और पितृभक्ति के कारण ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ बताया।
मुख्य घोषणाएं और विकास कार्य:
- श्रीराम राजा लोक: पहले चरण के ₹130 करोड़ और दूसरे चरण के लगभग ₹125 करोड़ के निर्माण कार्यों की आधारशिला रखी गई।
- अन्य तीर्थ स्थल: चित्रकूट में ₹2200 करोड़ के कार्य और श्रीराम वन गमन पथ तथा श्रीकृष्ण के लीला स्थलों को तीर्थ क्षेत्र बनाने की घोषणा।
- निवाड़ी को दर्जा: निवाड़ी शहर को शीघ्र ही ‘नगर पालिका परिषद’ का दर्जा देने का परीक्षण कराया जाएगा।
- पर्यटन सुविधाएं: ओरछा को एयर एम्बुलेंस और हेलीकॉप्टर सेवाओं से जोड़ने के लिए एयर स्ट्रिप बनाई जाएगी।
- स्वास्थ्य और शिक्षा: नेंदुआ के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का उन्नयन कर नया अस्पताल बनाने और नया सांदीपनि विद्यालय तथा शासकीय महाविद्यालय मिलने की सौगात दी गई।
- औद्योगिक विकास: निवाड़ी के पृथ्वीपुर में ₹3200 करोड़ की लागत से ‘इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट’ की स्थापना हो रही है।
- जल आपूर्ति: निवाड़ी प्रदेश का दूसरा जिला है जहां हर घर में नल से जल पहुंच रहा है, और यह केन-बेतवा परियोजना से भी लाभान्वित होगा।
- वैश्विक पहचान: ओरछा यूनेस्को की पहल के तहत चुना गया है, और केंद्र सरकार ने इसे 2027-28 में विश्व धरोहर के रूप में मान्यता देने की सिफारिश की है।
- शराबबंदी और भोजन योजना: ओरछा सहित सभी धार्मिक नगरों में पूर्ण शराबबंदी लागू की गई है। दीनदयाल रसोई योजना का विस्तार कर यहां ₹5 में भोजन मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ओरछा धार्मिक, आध्यात्मिक और पर्यटन का एक बड़ा केंद्र बनेगा, और सिंहस्थ-2028 में आने वाले श्रद्धालु भी यहां दर्शन के लिए आएंगे।