सीहोर (मध्यप्रदेश): मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धनतेरस के शुभ अवसर पर किसानों को चिंता मुक्त करने की प्रतिबद्धता जताते हुए, सीहोर जिले के 2,05,977 प्रभावित किसानों के खाते में ₹118 करोड़ 41 लाख की राहत राशि सीधे हस्तांतरित की। यह राशि पीला मोजेक, कीट व्याधि और अतिवृष्टि से सोयाबीन फसल को हुए नुकसान की भरपाई के लिए दी गई है।
किसानों के लिए सरकार की प्राथमिकता:
डॉ. यादव ने बिलकिसगंज में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि राज्य सरकार किसान, गरीब, महिला और वंचित वर्गों की सरकार है, और किसान भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने जोर देकर कहा:
- राहत और बीमा: किसानों को अभी यह राहत राशि दी जा रही है, जबकि बीमा राशि मिलना अभी बाकी है।
- फसलों का उचित मूल्य: सरकार किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर योजना शुरू की गई है, और कोदो-कुटकी की खरीद भी की जा रही है।
- बढ़ा समर्थन मूल्य: अगले वर्ष राज्य सरकार गेहूं ₹2700 प्रति क्विंटल की दर से खरीदेगी।
- सिंचाई का विस्तार: प्रदेश में सिंचाई का रकबा मात्र 7.5 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 53 लाख हेक्टेयर तक पहुँच गया है।
विकास और जनकल्याण:
मुख्यमंत्री ने इस दौरान ₹69 करोड़ 38 लाख 36 हज़ार रुपये के विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया। उन्होंने अन्य कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति भी बताई:
- सोलर पंप पर अनुदान: 5 हॉर्स पावर के सोलर पंप पर किसानों को अब 90 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है।
- लाड़ली बहना योजना: प्रदेश की 1.27 करोड़ बहनों को लाभ मिल रहा है। अगले माह से उन्हें ₹1500 प्रति माह मिलेंगे, और भाई दूज पर ₹250 अतिरिक्त दिए जाएंगे।
डॉ. यादव ने राजस्व मंत्री श्री करणसिंह वर्मा के अनुरोध पर कोलार मेजर लिफ्ट परियोजना में इछावर क्षेत्र के बिलकिसगंज सहित 44 गांवों को शामिल करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश सक्षम बने और सभी क्षेत्रों में देश में नंबर वन बने।