आर्थिक प्रगति की रफ्तार बरकरार: वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की जीडीपी विकास दर 7.7 प्रतिशत रही, अमित शाह ने जताई खुशी

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) विकास दर 7.7 प्रतिशत दर्ज किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए गए एक संदेश में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू किए गए दूरदर्शी आर्थिक सुधार देश की समृद्धि को लगातार बढ़ावा दे रहे हैं। इसी का परिणाम है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति को मजबूत बनाए हुए है।

गृह मंत्री ने वैश्विक आर्थिक मंदी का उल्लेख करते हुए कहा कि जहाँ आज पूरी दुनिया आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही है, वहीं भारत ने 7.7 फीसदी की वृद्धि दर हासिल की है। सभी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ने वाला यह प्रदर्शन इस बात का साफ संकेत है कि बीते 12 वर्षों में देश के आर्थिक ढांचे में अभूतपूर्व मजबूती आई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चाहे कोरोना महामारी का दौर रहा हो या फिर युद्ध जैसे वैश्विक संकट, प्रधानमंत्री की दूरदर्शी नीतियों ने हमेशा देश को सुरक्षित और स्थिर रखा है।

इससे पूर्व, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इन आर्थिक आंकड़ों पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने रेखांकित किया कि वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7 प्रतिशत और इसी वित्त वर्ष की अंतिम (चौथी) तिमाही में 7.8 प्रतिशत की विकास दर दर्ज होना बेहद उत्साहजनक है। प्रधानमंत्री के अनुसार, यह सफलता देश की आर्थिक सुदृढ़ता, नीतिगत सुधारों के सकारात्मक असर और 140 करोड़ देशवासियों के कठिन परिश्रम का प्रत्यक्ष परिणाम है।

प्रधानमंत्री ने भविष्य के संकल्पों को दोहराते हुए ‘एक्स’ पर लिखा कि विकास की यह गति देश की मजबूती को बयां करती है। सरकार आगामी समय में भी नागरिकों के जीवन को और अधिक सुगम बनाने (ईज ऑफ लिविंग) तथा व्यापारिक गतिविधियों को सरल करने (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी। इसके साथ ही, देश के युवाओं के लिए रोजगार और तरक्की के नए अवसर सृजित करने के प्रयासों को और तेज किया जाएगा।

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