मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को उज्जैन जिले की तराना तहसील में आयोजित समारोह में अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए बड़ी राहत राशि जारी की। उन्होंने आगर-मालवा और उज्जैन जिले के किसानों को फसल क्षति के लिए कुल 403 करोड़ रुपये की राहत राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से वितरित की।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसान हितैषी है और किसानों की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक अतिवृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई के लिए 1800 करोड़ रुपये की राहत राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि प्राकृतिक कारणों से फसलों को किसी भी प्रकार की क्षति होने पर सरकार उनकी मदद करेगी।
महिलाओं को भी मिली सहायता: राहत राशि के साथ ही, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की हितग्राहियों सहित गैर-उज्ज्वला और विशेष पिछड़ी जनजाति की 29 लाख बहनों को 45 करोड़ रुपये की सहायता राशि भी प्रदान की।
किसानों के लिए नई योजनाएं: डॉ. यादव ने किसानों के कल्याण के लिए कई योजनाओं की घोषणा की:
- सोलर पंप: किसानों को अब प्रोजेक्ट लागत का केवल 10 प्रतिशत ही देना होगा, शेष राशि सरकार वहन करेगी, जिससे बिजली बिल से मुक्ति मिलेगी।
- दुग्ध उत्पादन: किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए देशी गाय पालने पर सरकार अनुदान देगी।
- प्राकृतिक खेती: किसानों को जहरीले रासायनिक खाद के बजाय जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर 31 करोड़ रुपये के 30 कार्यों (14 करोड़ रुपये के 21 लोकार्पण और 17 करोड़ रुपये के 9 भूमिपूजन) का भी शुभारंभ किया।