मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चित्रकूट प्रवास के दौरान घोषणा की है कि इस पवित्र स्थल का विकास भगवान श्री राम की इच्छा और संतों के सुझावों के अनुरूप होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चित्रकूट के विकास में बड़े कंक्रीट के निर्माणों से बचा जाएगा। प्राथमिकता मंदाकिनी की स्वच्छता, कामतानाथ दर्शन में सुगमता और भक्तों के लिए भोजन-प्रसाद की व्यवस्था पर होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट को धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ ग्रामीण पर्यटन का उत्कृष्ट केंद्र बनाया जाएगा।
विकास कार्य: सड़क चौड़ीकरण, परिक्रमा पथ का सौंदर्यीकरण, और धार्मिक स्थलों के विकास के कार्य तेज किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि 2800 करोड़ रुपये के विकास कार्य अगले वर्ष अप्रैल तक पूर्ण हो जाएंगे, जिसमें घाट निर्माण और मंदाकिनी की साफ-सफाई शामिल है।
आध्यात्मिक महत्व: मुख्यमंत्री ने दीपावली के अवसर पर पंचवटी घाट पर दीपदान किया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति समृद्ध हो रही है, और मध्य प्रदेश तथा उत्तर प्रदेश सरकारें मिलकर चित्रकूट के आध्यात्मिक और पर्यटन सुविधाओं का विकास कर रही हैं। आगामी समय में चित्रकूट का गौरव और भी बढ़ेगा।
खुशियाँ बांटी: प्रवास के दौरान, मुख्यमंत्री ने पंचवटी घाट पर दीवारी नृत्य कर रहे बच्चों को मिष्ठान और उपहार देकर दीपावली की खुशियाँ बांटी। उन्होंने साधु-संतों से भेंट कर उनका सम्मान भी किया।