मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीपोत्सव, गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव की मंगलकामनाएं देते हुए कहा कि गोवर्धन पूजा हमें प्रकृति, पर्यावरण और पशुधन संवर्धन का संदेश देती है। मंगलवार को रवीन्द्र भवन में राज्य स्तरीय गोवर्धन पूजा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “हमारी हर परम्परा और उत्सव में प्रकृति के प्रति आदर और समाज के प्रति उत्तदायित्व समाहित है। गोवर्धन पूजा इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।”
प्रकृति के प्रति आभार: मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति ने हमें छोटी से छोटी चीज प्रदान करने वालों के प्रति भी आभार व्यक्त करना सिखाया है। आज हम प्रकृति के उसी दाता स्वरूप को प्रणाम कर रहे हैं। उन्होंने गोवर्धन पूजा को ‘जियो और जीने दो’ के विचार और संसाधनों को समाज के साथ साझा करने का प्रतीक बताया। राज्य सरकार द्वारा इस आयोजन का उद्देश्य संस्कृति और परम्पराओं को बचाए रखना है।
गौमाता और विज्ञान: डॉ. यादव ने गौमाता को सनातन संस्कृति की आत्मा बताते हुए कहा कि गौ-उत्पादों की महिमा अब वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हो रही है। उन्होंने कैंसर जैसी बीमारियों में गौ-उत्पादों की प्रभावशीलता और गोबर से लिपे घरों पर विकिरण के कम प्रभाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के गोपाल स्वरूप में यह संदेश निहित है कि जो गाय पाले, वह गोपाल है। इसी के चलते विश्व अब प्राकृतिक और जैविक खेती के महत्त्व को पुन: स्वीकार कर रहा है।
गौवंश संरक्षण का लक्ष्य: मुख्यमंत्री ने गौवंश संरक्षण के लिए समाज से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि मध्यप्रदेश देश का प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्य बन सके (वर्तमान 9% से 20% तक ले जाने का लक्ष्य)। इसी उद्देश्य से गौशालाओं को मिलने वाली राशि ₹20 से बढ़ाकर ₹40 प्रति गौवंश कर दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि गौपालन करने, गौशाला चलाने या सहयोग करने वाले हर व्यक्ति को राज्य सरकार सहयोग देगी।
कार्यक्रम का विवरण: रवीन्द्र भवन में वैदिक मंत्रोचार के बीच मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोवर्धन पर्वत की पूजा की और गौवंश को दुलारकर पशु आहार खिलाया। उन्होंने अन्नकूट की परम्परा के तहत 56 भोग का थाल भी भेंट किया। इस दौरान दुग्ध एवं जैविक उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसका उन्होंने अवलोकन किया। गौवंश सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को मुख्यमंत्री ने सम्मानित भी किया।
अन्य उपस्थिति: पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने भी गौ-संरक्षण योजनाओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में खेल मंत्री श्री विश्वास सारंग, राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, विधायकगण और बड़ी संख्या में पशुपालक व नागरिक उपस्थित थे।