मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार रात हॉकी इंडिया के अधिकारियों से मुलाकात के दौरान एफआईएच पुरुष जूनियर हॉकी विश्व कप 2025 की ट्रॉफी और प्रतीक चिन्ह ग्रहण किया। इस मौके पर उन्होंने खेल मंत्री के साथ हॉकी खेलकर खिलाड़ियों के प्रति अपना समर्थन जताया।
डॉ. यादव ने भारतीय हॉकी के गौरवमयी इतिहास को याद किया, जिसमें ओलंपिक में 8 स्वर्ण पदक शामिल हैं। उन्होंने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद, कैप्टन रूप सिंह, और विशेष रूप से इंदौर के श्री शंकर लक्ष्मण के योगदान को याद करते हुए कहा कि 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाना इन्हीं उपलब्धियों का सम्मान है।
उन्होंने वर्तमान प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया’ को एक मिशन के रूप में 31 जनवरी 2028 से आरंभ किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि देश के साथ ही मध्यप्रदेश में भी हॉकी का शानदार इतिहास रहा है, जिसके चलते भोपाल में पुरुष और ग्वालियर में महिला हॉकी अकादमी स्थापित की गई हैं।
उन्होंने आगामी विश्व कप के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि वह बाबा महाकाल से कामना करते हैं कि पुरुष टीम (चेन्नई, तमिलनाडु में) स्वर्ण पदक जीते और चार बालिका सदस्य वाली महिला टीम (सेंटियागो, चिली में) भी बेहतरीन प्रदर्शन करे। उन्होंने कैप्टन ज्योति सिंह सहित सभी चार मध्य प्रदेश की बेटियों को टीम में शामिल होने पर बधाई दी और उन्हें राज्य का गौरव बताया।
इस अवसर पर खेल मंत्री श्री विश्वास सारंग और अन्य खेल अधिकारी मौजूद रहे।