ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति: ₹21 हजार करोड़ की सड़क और 11.27 लाख लखपति दीदी, सीएम ने दिए समन्वित क्रियान्वयन के निर्देश

ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति: ₹21 हजार करोड़ की सड़क और 11.27 लाख लखपति दीदी, सीएम ने दिए समन्वित क्रियान्वयन के निर्देश

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम विकास से संबंधित सभी विभागों (कृषि, सहकारिता, मत्स्य पालन आदि) को मिलाकर समग्र ग्राम विकास की अवधारणा पर समन्वित रूप से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि विभाग की योजनाओं का लक्ष्य आम आदमी के जीवन स्तर में सुधार लाना है, और प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत 2047 के स्वप्न को पूरा करने में यह विभाग अग्रणी रहेगा।

दो वर्षों की मुख्य उपलब्धियाँ (प्रस्तुतीकरण):

  • आवास एवं अधोसंरचना:
    • आवास योजना: 11.46 लाख आवास स्वीकृत कर मध्य प्रदेश प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण में देश में प्रथम रहा।
    • सड़कें: मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना में ₹21,630 करोड़ की लागत से 30,900 कि.मी. सड़कों को स्वीकृति मिली।
    • भवन निर्माण: 2,472 ग्राम सेवा सदन, 106 अटल सुशासन भवन (जनपद) और 5 अटल जिला सुशासन भवन स्वीकृत किए गए।
  • आजीविका एवं रोजगार:
    • लखपति दीदी: 11 लाख 27 हज़ार 37 परिवार लखपति दीदी की श्रेणी में दर्ज हुए।
    • बैंक लिंकेज: 2.36 लाख समूहों को ₹5,658 करोड़ से अधिक का बैंक लिंकेज दिया गया।
    • कौशल विकास: 19,995 ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण और 16,975 युवाओं को रोजगार मिला।
  • पोषण और जल संरक्षण:
    • पोषण शक्ति निर्माण: 2024-25 में 44 लाख 22 हजार विद्यार्थी लाभान्वित हुए।
    • जल संरक्षण: प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में 1,224 जल संरचनाओं का निर्माण कर 6,170 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा सृजित हुई।
    • राष्ट्रीय सम्मान: ‘कैच द रेन’ अभियान में खरगौन जिले को नेशनल वाटर अवार्ड 2024 में प्रथम पुरस्कार मिला।

नवाचार और तकनीकी उपयोग:

  • ड्रोन और आईटी: ‘एक बगिया मां के नाम’ परियोजना की निगरानी ड्रोन से, संपर्कविहीन बस्तियों की पहचान उपग्रह चित्रों से और परियोजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए AI आधारित डैश बोर्ड का उपयोग किया जा रहा है।
  • शिक्षा और कौशल: ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों और युवाओं के लिए 72 आजीविका पुस्तकालय शुरू किए गए।

आगामी कार्ययोजना के निर्देश:

  1. मॉडल ग्राम: मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना के तहत चयनित प्रत्येक ग्राम को मॉडल ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा।
  2. पंचायत सशक्तिकरण: अर्ध शहरी एवं बड़ी ग्राम पंचायतों के व्यवस्थित विकास के लिए नियम युक्तिसंगत बनाए जाएंगे और आत्मनिर्भर पंचायत की दिशा में आय के स्त्रोत बढ़ाए जाएंगे।
  3. स्वास्थ्य और पोषण: यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना के अंतर्गत आंगनवाड़ी और कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों को पौष्टिक नाश्ते की व्यवस्था के लिए कार्यवाही जारी है।

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