नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने आगामी 5 वर्षों के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य प्रमुख शहरी केंद्रों में रेल गाड़ियों के परिचालन को सुगम बनाना और क्षमता में 100% की वृद्धि करना है। पीआईबी द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए जोनल रेलवे से प्रस्ताव मांगे हैं।
रणनीति और क्रियान्वयन: रेलवे की यह योजना केवल नए स्टेशन बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि मौजूदा सिस्टम की ‘बॉटलनेक्स’ यानी परिचालन संबंधी बाधाओं को दूर करने पर केंद्रित है। इसमें उपनगरीय (Suburban) और गैर-उपनगरीय यातायात, दोनों की विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखा गया है।
रेलवे जोन को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने मंडलों में न केवल टर्मिनल क्षमता बढ़ाएं, बल्कि ‘यार्ड’ और ‘सेक्शनल कैपेसिटी’ पर भी ध्यान दें। इस योजना का लाभ यात्रियों को अगले 5 वर्षों में क्रमिक (Gradual) रूप से मिलना शुरू हो जाएगा, जिससे पीक आवर्स के दौरान होने वाली भारी भीड़ और देरी से राहत मिलेगी।