मानवता का कल्याण और राष्ट्रभक्ति ही जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मानवता का कल्याण और राष्ट्रभक्ति ही जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

राजकोट (गुजरात): मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को गुजरात के राजकोट जिले में आयोजित 26वें ‘राष्ट्रकथा शिविर’ को संबोधित किया। प्रांसला के समीप उपलेटा में श्री वैदिक मिशन ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति, स्व-अनुशासन और राष्ट्र निर्माण पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “जियो और जीने दो” का दर्शन भारत की शाश्वत पहचान है। उन्होंने भारतीय मातृ सत्तात्मक संस्कृति की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत ही वह देश है जहाँ माताओं और बहनों को देवी माना जाता है और बच्चा-बच्चा भारत माता की जय बोलकर राष्ट्र का सम्मान करता है। उन्होंने स्वामी धर्मबंधु जी महाराज से आशीर्वाद लिया और युवाओं को किताबी ज्ञान के बजाय व्यावहारिक ज्ञान और नैतिक शिक्षा अपनाने की प्रेरणा दी।

डॉ. यादव ने भारत की बढ़ती सैन्य और कूटनीतिक शक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि अमेरिका और इजरायल के बाद भारत दुनिया का तीसरा ऐसा देश है, जो अपनी सीमाओं और नागरिकों की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने कोविड काल का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे भारत ने स्व-अनुशासन और परोपकार की भावना से 40 से अधिक देशों को वैक्सीन भेजकर मानवता की सेवा की।

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