गोवा/नई दिल्ली: भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तत्वावधान में 27 से 30 जनवरी 2026 तक गोवा में ‘इंडिया एनर्जी वीक-2026’ का आयोजन किया जाएगा। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 120 से अधिक देशों के मंत्रियों, सीईओ, और तकनीकी विशेषज्ञों के शामिल होने की संभावना है। यह मंच ऊर्जा सुरक्षा, निवेश प्रोत्साहन और डीकार्बोनाइजेशन की दिशा में ठोस वैश्विक सहयोग का आधार बनेगा।
प्रमुख आर्थिक और नियामक सुधार: सम्मेलन के दौरान भारत अपने सुधारोन्मुखी ऊर्जा ढांचे को प्रस्तुत करेगा। विशेष रूप से ‘तेल क्षेत्र (विनियमन और विकास) अधिनियम 2025’ के तहत किए गए सुधारों पर चर्चा होगी, जिसमें 30 वर्षों की दीर्घकालिक लीज़ और 180 दिनों के भीतर समयबद्ध अनुमोदन जैसे निवेशक-हितैषी प्रावधान शामिल हैं। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के अनुसार, 2050 तक वैश्विक ऊर्जा मांग में भारत की हिस्सेदारी 23% रहने वाली है, जो इसे दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा बाज़ार बनाती है।
स्वच्छ ऊर्जा में भारत की उपलब्धि: भारत के इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम ने अब तक 1.59 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचाई है और CO₂ उत्सर्जन में 813 लाख मीट्रिक टन की कमी आई है। IEW-2026 में हरित हाइड्रोजन और संधारणीय ईंधन जैसी भविष्य की प्रौद्योगिकियों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।