सड़क निर्माण में बायो-बिटुमेन के इस्तेमाल से भारत अपने आयात बिल में भारी कटौती करने जा रहा है। श्री नितिन गडकरी के अनुसार, यदि सड़क निर्माण में मात्र 15 प्रतिशत बायो-बिटुमेन का मिश्रण किया जाए, तो भारत लगभग 4,500 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचा सकता है। वर्तमान में भारत बिटुमेन के लिए कच्चे तेल के आयात पर निर्भर है।
पर्यावरण और चक्रीय अर्थव्यवस्था :
- प्रदूषण में कमी: पराली और अन्य कृषि अवशेषों को जलाने की समस्या का समाधान अब सड़क निर्माण में होगा।
- सतत विकास: यह तकनीक चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देती है, जहाँ अपशिष्ट को संसाधन के रूप में पुनर्चक्रित किया जाता है।
- किसानों का सशक्तिकरण: कृषि अपशिष्ट की मांग बढ़ने से किसानों की आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।