नई दिल्ली: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की 9वीं शीर्ष-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए देश को नशे के जाल से मुक्त करने के लिए एक व्यापक भविष्यगामी रणनीति साझा की। बैठक के दौरान उन्होंने नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के अमृतसर कार्यालय का उद्घाटन भी किया।
प्रमुख रणनीतिक बिंदु:
- तीन-वर्षीय विशेष अभियान: श्री शाह ने घोषणा की कि 31 मार्च, 2026 से पूरे देश में एक 3 साल का सामूहिक अभियान चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य नशे की समस्या के हर स्तंभ पर प्रहार करना और समयबद्ध तरीके से लक्ष्यों की समीक्षा करना है।
- त्रि-आयामी दृष्टिकोण: गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार ‘सप्लाई चेन’ के प्रति कठोर (Ruthless), ‘डिमांड’ घटाने के प्रति रणनीतिक और ‘नुकसान’ कम करने के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाएगी।
- आंकड़ों में सफलता: बैठक में बताया गया कि 2004-2013 की तुलना में 2014-2025 के बीच ड्रग्स जब्ती में भारी वृद्धि हुई है। पिछले 11 वर्षों में 1 लाख 71 हजार करोड़ रुपये मूल्य की 1 करोड़ 11 लाख किलोग्राम ड्रग्स पकड़ी गई है, जो पिछली सरकार के कार्यकाल से कहीं अधिक है।
- जवाबदेही और तकनीक: श्री शाह ने निर्देश दिया कि केवल बैठकों की संख्या नहीं, बल्कि परिणामों की समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) के उपयोग और समय पर चार्जशीट दाखिल करने पर जोर दिया ताकि अपराधियों को सजा दिलाई जा सके।
गृह मंत्री ने सभी विभागों को 31 मार्च तक अपना रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया है, ताकि 2047 के ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने के लिए युवा पीढ़ी को सुरक्षित रखा जा सके।