भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित विशाल किसान सम्मेलन में वर्ष 2026 को आधिकारिक रूप से “कृषक कल्याण वर्ष” घोषित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है जिसने पूरा एक वर्ष अपने अन्नदाताओं को समर्पित किया है। सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में ‘विकास पोर्टल’ (ई-विकास, वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान प्रणाली) का शुभारंभ भी किया।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
- अनुसंधान केंद्रों की स्थापना: डिण्डोरी में ‘श्रीअन्न अनुसंधान केंद्र’, ग्वालियर में ‘सरसों अनुसंधान केंद्र’ और उज्जैन में ‘चना अनुसंधान केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे।
- सिंचाई विस्तार: नर्मदा, केन-बेतवा और पीकेसी नदी लिंक परियोजनाओं के माध्यम से सिंचाई का रकबा 65 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 2028-29 तक 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य है।
- ऊर्जादाता किसान: अगले तीन वर्षों में 30 लाख किसानों को सोलर पंप दिए जाएंगे, जिससे वे बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेंगे।
- नई भर्तियाँ: कृषि विभाग और मंडी बोर्ड में रिक्त पदों पर जल्द भर्ती कर तंत्र को मजबूत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब किसानों की फसल नुकसानी का सर्वे आधुनिक तकनीक से होगा ताकि मुआवजे में देरी न हो। साथ ही, शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण योजना जारी रहेगी।