गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में केरल की सुरक्षा और शासन व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने ‘सुरक्षित केरल’ की व्याख्या करते हुए कहा कि अदृश्य खतरों को पहचानना जरूरी है। उन्होंने PFI पर लगाए गए प्रतिबंध का जिक्र करते हुए कहा कि जब केंद्र ने यह कदम उठाया, तो केरल के दोनों प्रमुख गठबंधनों ने दबे स्वर में इसका विरोध किया। उन्होंने सवाल किया कि क्या सह-अस्तित्व में विश्वास न रखने वाले संगठन केरल को एक रख सकते हैं?
सुशासन और जांच की मांग:
- सबरीमाला चोरी कांड: शाह ने सबरीमाला मंदिर में सोने की चोरी के मामले की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से कराने की मांग की।
- घोटालों की जांच: उन्होंने को-ऑपरेटिव घोटाले, AI कैमरा घोटाले और सौर घोटाले का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि दोनों गठबंधन एक-दूसरे के भ्रष्टाचार पर लीपापोती करते हैं।
- बिना भेदभाव वितरण: उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 4 करोड़ घर और अनाज देते समय किसी का धर्म नहीं पूछा।
अमित शाह ने ‘केरल कौमुदी’ की पत्रकारिता की सराहना करते हुए इसे जनता की आत्मा की आवाज बताया और केरल की जनता से भ्रष्टाचार मुक्त शासन (Governance without corruption) के लिए एक मौका मांगा।