नई दिल्ली: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने 19 जनवरी 2026 को भारत की अपनी तीसरी आधिकारिक यात्रा की। पिछले एक दशक में यह उनकी पांचवीं भारत यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ होते ‘पीढ़ीगत संबंधों’ को दर्शाती है।
आर्थिक और व्यापारिक लक्ष्य: दोनों नेताओं ने 2022 के व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के बाद व्यापार में हुई भारी वृद्धि की सराहना की। वित्त वर्ष 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार 100 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है, जिसे अब 2032 तक दोगुना कर 200 बिलियन अमेरिकी डॉलर करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए ‘भारत मार्ट’ और ‘वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर’ जैसी पहलों को गति दी जाएगी।
बुनियादी ढांचा और निवेश: यूएई गुजरात के धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (SIR) के विकास में भागीदार बनेगा, जिसमें अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और ग्रीनफील्ड पोर्ट शामिल हैं। साथ ही, पीएम मोदी ने यूएई को 2026 में लॉन्च होने वाले भारत के दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर फंड में निवेश के लिए आमंत्रित किया है।
रक्षा और सुरक्षा: नेताओं ने आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। रक्षा क्षेत्र में ‘रणनीतिक रक्षा साझेदारी’ के लिए आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए गए।