नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने बुधवार को 22वें सुब्रतो मुखर्जी सेमिनार में भारत की सैन्य शक्ति और रणनीतिक कौशल का प्रभावशाली विवरण पेश किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आधुनिक युद्धक्षेत्र में वायु सेना की भूमिका निर्णायक हो चुकी है।
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का खुलासा: वायुसेना प्रमुख ने 7 मई 2025 को शुरू हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे इसने पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया था। यह ऑपरेशन 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में आतंकी ढांचे को नष्ट करने के लिए चलाया गया था।
प्रमुख आंकड़े और नुकसान:
- लड़ाकू विमान: भारत ने पाकिस्तान के लगभग 12-13 लड़ाकू विमान तबाह किए, जिनमें हवा में मार गिराए गए 5 एफ-16 और जेएफ-17 शामिल थे।
- जमीनी हमला: हैंगर में खड़े 4-5 एफ-16 विमानों को भी नष्ट किया गया।
- बुनियादी ढांचा: पाक के रनवे, रडार और कमांड सेंटरों को भारी नुकसान पहुँचाया गया।
एयर चीफ मार्शल ने स्पष्ट किया कि भारत की लंबी दूरी की मिसाइल मारक क्षमता (300 किमी से अधिक) के कारण पाकिस्तानी वायुसेना अपने ही क्षेत्र में उड़ान भरने से डरने लगी थी। उन्होंने पाकिस्तान के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें भारतीय विमानों को गिराने की बात कही गई थी, और इसे महज ‘छवि बचाने की कोशिश’ करार दिया।वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने भविष्य की चुनौतियों और वर्तमान रक्षा प्रणालियों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने एस-400 ट्रायम्फ सिस्टम की सराहना करते हुए इसे एक “बेहतरीन हथियार” बताया और संकेत दिया कि भविष्य में भारत अपनी हवाई सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए ऐसे और सिस्टम शामिल कर सकता है।
रक्षा प्रणालियों की स्थिति:
- एस-400 अपडेट: रूस के साथ 5 यूनिट का करार हुआ था, जिनमें से 3 मिल चुकी हैं और शेष 2026 तक आने की उम्मीद है।
- रणनीतिक सबक: एयर चीफ ने कहा कि भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अपने लक्ष्यों को स्पष्ट रखा और उन्हें हासिल करते ही संघर्ष समाप्त कर दिया। यह उन देशों के लिए सबक है जो अंतहीन युद्धों में फंसे हुए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि आज वायुसेना के पास संस्थापक एयर मार्शल सुब्रतो मुखर्जी के समय की तुलना में कहीं बेहतर संसाधन हैं, लेकिन हमें पिछली सफलताओं पर रुकना नहीं चाहिए। बदलते वैश्विक हालातों में निरंतर तैयारी ही एकमात्र विकल्प है।