उज्जैन: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को रंगपंचमी के पावन अवसर पर अवंतिका नगरी उज्जैन की प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं को पुनर्जीवित किया। मुख्यमंत्री ने श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर भगवान महाकाल का विधि-विधान से पूजन-अभिषेक किया और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इसके पश्चात, उन्होंने मंदिर के सभा मंडप में भगवान वीरभद्र और श्री महाकाल के ध्वज सहित शस्त्रों का पूजन किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि सम्राट विक्रमादित्य के काल में सैनिक छावनियों से विजय पताका लेकर चलने की जो परंपरा शुरू हुई थी, वही आज ‘गेर’ के रूप में प्रचलित है। इस गौरवशाली परंपरा को अक्षुण्ण रखने के लिए मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को निर्देश दिए कि परंपरागत चल समारोह (गेर) के आयोजन हेतु सवा-सवा लाख रुपये की राशि प्रदान की जाए। मंदिर परिसर में पूजन के बाद मुख्यमंत्री स्वयं ध्वज लेकर कुंड परिसर तक गए। नंदी हॉल में पुजारियों द्वारा स्वस्ति वाचन के बीच उन्होंने भगवान का ध्यान भी लगाया।