नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सोमवार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के माध्यम से एक महत्वपूर्ण ‘स्विच ऑक्शन’ प्रक्रिया पूरी की। इस ऑपरेशन के तहत सरकार ने 6,309 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी प्रतिभूतियों (G-Secs) को वापस खरीद लिया है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य निकट भविष्य में परिपक्व (Mature) होने वाले बॉन्ड्स को लंबी अवधि की प्रतिभूतियों से बदलना है, ताकि पुनर्भुगतान के बोझ को सुव्यवस्थित किया जा सके।
रणनीतिक महत्व: यह फरवरी से अब तक आरबीआई द्वारा आयोजित चौथा स्विच ऑक्शन है। इससे पहले की तीन नीलामियों में 98,591.701 करोड़ रुपये की प्रतिभूतियां वापस खरीदी जा चुकी हैं। सरकार का लक्ष्य अगले वित्तीय वर्ष में आने वाले 5.47 लाख करोड़ रुपये के भारी मोचन (Redemption) दबाव को कम करना है। चूँकि सरकार ने पहले ही 17.2 लाख करोड़ रुपये के सकल बाजार उधार का बजट रखा है, इसलिए अल्पकालिक ऋण को दीर्घकालिक ऋण में बदलना वित्तीय स्थिरता के लिए आवश्यक है।