नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सोमवार को राज्यसभा में देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि भारत के पास वर्तमान में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का कुल 74 दिनों का बैकअप मौजूद है। इसमें 9.5 दिनों का रणनीतिक भंडार (5.33 एमएमटी) और तेल कंपनियों के पास मौजूद 64.5 दिनों का स्टॉक शामिल है।
महत्वपूर्ण फैसले:
- बुकिंग अंतराल: एलपीजी सिलेंडर रिफिल की अवधि 21 से बढ़ाकर 25 दिन की गई ताकि आपूर्ति श्रृंखला पर अनावश्यक दबाव न पड़े।
- कीमतों पर नियंत्रण: वैश्विक अस्थिरता के बावजूद आम जनता पर बोझ नहीं डाला जाएगा। इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल जैसी कंपनियां बढ़ी हुई लागत का बोझ खुद उठाएंगी।
- निगरानी: सरकार अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों और भू-राजनीतिक संघर्षों पर पैनी नजर रख रही है ताकि किसी भी प्रतिकूल स्थिति से निपटा जा सके।