नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियन से फोन पर विस्तृत चर्चा की। इस बातचीत में प्रधानमंत्री ने क्षेत्र की गंभीर स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि भारत संवाद और कूटनीति के माध्यम से समाधान निकालने का पक्षधर है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने आम नागरिकों की जान जाने और बुनियादी ढांचे (सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर) को हो रहे नुकसान पर दुख जताया है। भारत के लिए इस समय शीर्ष प्राथमिकता भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा संसाधनों (Energy) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब ईरान और इजरायल के बीच मिसाइल हमलों का दौर तेज हो गया है। गुरुवार को ही ईरान द्वारा यरूशलेम की ओर दागी गई मिसाइलें धार्मिक स्थलों के बेहद करीब गिरीं, जिसके चलते वहां नमाज भी रोकनी पड़ी। भारत ने इस अस्थिरता के बीच एक बार फिर शांति और स्थिरता के प्रति अपनी वैश्विक प्रतिबद्धता दोहराई है।