ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत की खबर है। भारतीय जहाज ‘नंदा देवी’ एलपीजी की बड़ी खेप लेकर मंगलवार सुबह लगभग 11.25 बजे गुजरात के वडीनार बंदरगाह पर सफलतापूर्वक डॉक कर गया है। अधिकारियों के अनुसार, पश्चिमी तट पर इस सप्ताह पहुंचने वाला यह दूसरा बड़ा एलपीजी जहाज है। इससे पहले सोमवार को ‘शिवालिक’ जहाज मुंद्रा बंदरगाह पहुंचा था।
भू-राजनीतिक चुनौतियों को किया पार: ये दोनों जहाज सामरिक रूप से संवेदनशील ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) से होकर आए हैं। फरवरी के अंत से इस क्षेत्र में ईरान की बढ़ती सैन्य गतिविधियों और चेतावनियों के कारण वाणिज्यिक जहाजों का आवागमन काफी प्रभावित हुआ है। हालांकि, ईरान से आवश्यक अनुमति मिलने के बाद ही ये भारतीय जहाज अपनी यात्रा पूरी कर सके। वर्तमान में, फारस की खाड़ी के इस अशांत क्षेत्र में भारत के 22 जहाज और 611 नाविक मौजूद हैं।
प्राथमिकता के आधार पर अनलोडिंग: एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ‘दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण’ ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय के आदेशानुसार, एलपीजी जहाजों को प्राथमिकता के आधार पर लंगर डालने (Berthing) की अनुमति दी जा रही है। सोमवार को मुंद्रा पहुंचे ‘शिवालिक’ जहाज से 46,000 टन एलपीजी उतारने का काम भी तेजी से शुरू कर दिया गया है। ‘नंदा देवी’ के बाद अब संयुक्त अरब अमीरात से 81,000 टन कच्चा तेल लेकर आ रहा जहाज ‘जग लाडकी’ भी कतार में है।