मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों और समुद्री व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए ‘मिशन मोड’ में काम शुरू कर दिया है। मंगलवार को विदेश मंत्रालय (MEA), शिपिंग, पेट्रोलियम और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की एक संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में सरकार ने स्पष्ट किया कि स्थिति की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।
सुरक्षित समुद्री मार्ग और कूटनीति शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि सरकार का मुख्य लक्ष्य होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से भारतीय जहाजों का सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना है। इसके लिए भारत, ईरान सहित अन्य संबंधित देशों के साथ निरंतर कूटनीतिक संपर्क बनाए हुए है।
राहत और बचाव कार्य विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी कि सोमवार को छात्रों सहित 650 भारतीयों ने ईरान की सीमा पार कर आर्मेनिया और अजरबैजान में प्रवेश किया है। साथ ही 284 जायरीनों ने भी सीमा पार की, जिनमें से 130 भारत लौट रहे हैं। मंत्रालय ने बताया कि अब तक कुल 44,000 लोग संकटग्रस्त क्षेत्रों से सुरक्षित भारत वापस आ चुके हैं।