मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने का संकल्प दोहराया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को ‘उद्योग और रोजगार वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है, जिसके तहत उद्योगों के लिए नई उदार नीतियां लागू की गई हैं।
आर्थिक प्रगति के मुख्य आंकड़े:
- ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट: राज्य को 30 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से 30% से अधिक जमीन पर उतर चुके हैं।
- औद्योगिक पहल: धार जिले में देश का सबसे बड़ा ‘पीएम मित्र पार्क’ स्थापित किया जा रहा है। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार डीबीटी के माध्यम से सीधे उद्यमियों को सब्सिडी दे रही है।
- रोजगार प्रोत्साहन: राज्य सरकार नए उद्योग लगाने पर प्रति श्रमिक 5000 रुपये की सहायता प्रदान करेगी। डॉ. यादव ने दावा किया कि मध्यप्रदेश की बेरोजगारी दर अन्य राज्यों के मुकाबले काफी कम है।
- महिला सशक्तिकरण: ‘लाड़ली बहना योजना’ के तहत अब तक 52 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में भेजी जा चुकी है।