ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका में नजर आ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान कराने में पाकिस्तान सक्रिय है। इसी क्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिफ मुनीर से फोन पर बातचीत की।
व्हाइट हाउस के मुताबिक, बातचीत का मुख्य विषय ईरान में बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध की स्थिति थी। हालांकि, इसे संवेदनशील विषय बताया गया और अधिकारियों ने अधिक जानकारी साझा करने से इनकार किया। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लिविट ने कहा कि यह संवेदनशील कूटनीतिक चर्चा है और मीडिया के माध्यम से इस पर विवरण नहीं दिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, मुनीर ने ट्रंप से बातचीत में पाकिस्तान को अमेरिका और ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच संभावित वार्ता स्थल के रूप में प्रस्तुत किया।
इसी बीच, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बातचीत की और ईद-उल-फितर तथा नवरोज की शुभकामनाएं दीं। बातचीत में खाड़ी क्षेत्र में गंभीर स्थिति, तनाव कम करने और कूटनीतिक संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने इस्लामी दुनिया में एकता और क्षेत्रीय शांति में पाकिस्तान की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
सोमवार को ट्रंप ने कहा कि उन्होंने तेहरान के साथ बेहतर बातचीत के बाद हमले को पांच दिनों तक टाल दिया था। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि पाकिस्तान की मध्यस्थता का उनके फैसले पर सीधा असर है या नहीं। ईरान ने सीधे अमेरिका से बातचीत से इनकार किया है, लेकिन कुछ मित्र देशों के माध्यम से संदेश दिए गए हैं। विश्लेषकों का कहना है कि यह अभी शुरुआती कूटनीतिक प्रयास हैं और इसे पूरी तरह संरचित वार्ता नहीं माना जा सकता।