मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने 61वें जन्म-दिवस के अवसर पर सागर जिले के वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिज़र्व (नौरादेही) में जैव-विविधता संरक्षण की एक नई मिसाल पेश की। मुख्यमंत्री ने यहाँ चीता पुनर्वास के लिए विशेष बाड़े (बोमा) का भूमि-पूजन किया, जिससे यह क्षेत्र मध्यप्रदेश में कूनो और गांधी सागर के बाद चीतों का तीसरा सुरक्षित आवास बनने की राह पर अग्रसर हो गया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बामनेर नदी में 14 संरक्षित कछुओं (6 टेरा प्रिंस और 8 सुंदरी प्रजाति) को विमुक्त किया। उन्होंने कहा कि जलीय जीवों और जंगलों का संरक्षण पारिस्थितिकीय संतुलन के लिए अनिवार्य है। नौरादेही, जो 2,339 वर्ग किमी में फैला प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिज़र्व है, अपनी अनुकूल जलवायु के कारण दक्षिण अफ्रीका जैसी भौगोलिक परिस्थितियों का विकल्प पेश करता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यहाँ पर्यटन बढ़ने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।