इंटरनेशनल एटामिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने ईरान के सुरक्षा दावों की पुष्टि करते हुए कहा है कि हालिया हमलों के बावजूद जनहानि या पर्यावरण को विकिरण से कोई खतरा नहीं पहुंचा है। खोंडाब स्थित भारी पानी उत्पादन संयंत्र पर हुए हमले के बाद तकनीकी जांच में कोई रेडिएशन नहीं पाया गया, क्योंकि वहां कोई परमाणु ईंधन या सामग्री स्टोर नहीं थी।
इसी तरह, खुज़िस्तान स्टील फैक्ट्री में इस्तेमाल होने वाले सीलबंद रेडियोधर्मी स्रोत (Cs-137 और Co-60) भी सुरक्षित पाए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि औद्योगिक उपयोग वाले इन पदार्थों का रिसाव स्थानीय स्तर पर खतरनाक हो सकता था, लेकिन वर्तमान में यह सुविधा सामान्य रूप से कार्य कर रही है। आईएईए ने चेतावनी दी है कि ऐसे क्षेत्रों में सैन्य सक्रियता जहां परमाणु प्रतिष्ठान स्थित हैं, बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। एजेंसी स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रखे हुए है ताकि भविष्य में किसी भी संभावित रिसाव या दुर्घटना को तुरंत प्रबंधित किया जा सके।