मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि मध्य प्रदेश में 9 अप्रैल से गेहूँ उपार्जन की प्रक्रिया शुरू हो रही है। मुख्यमंत्री निवास से स्वयंसेवी संस्थाओं और किसानों के साथ वर्चुअल संवाद करते हुए उन्होंने सभी जिला कलेक्टर्स और एसडीएम को कड़े निर्देश दिए हैं कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, पेयजल और बैठने की सुगम व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूँ उपार्जन केंद्रों पर किसानों की सहायता के लिए ‘हेल्प डेस्क’ और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। पूरी प्रक्रिया की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में बने कंट्रोल रूम से की जाएगी। उन्होंने सामाजिक संस्थाओं से भी इस व्यापक गतिविधि में सहयोग की अपील की है। डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि केंद्रों पर होर्डिंग्स और पंपलेट्स के जरिए किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।