आपातकालीन सेवा डायल-112 अब जनता के लिए सुरक्षा और भरोसे का दूसरा नाम बनती जा रही है। ताज़ा मामला सतना जिले का है जहाँ साप्ताहिक हाट में परिजनों से बिछड़ गई एक मासूम बालिका के लिए डायल-112 के जवान देवदूत बनकर आए।
मझगवां पुलिस की टीम ने न केवल बच्ची को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया, बल्कि सक्रियता दिखाते हुए आसपास के क्षेत्र में उसकी माँ को भी तलाश लिया। पुलिस की इस कार्यप्रणाली ने समाज में सुरक्षा की भावना को और मजबूत किया है। अपनी बच्ची को सुरक्षित पाकर परिजनों ने डायल-112 की टीम की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस की इस सक्रियता की वजह से आज उनकी खुशियाँ वापस लौट आई हैं। यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 केवल कानून-व्यवस्था ही नहीं, बल्कि आपात स्थिति में मानवीय सहायता का भी एक सशक्त माध्यम है।