पश्चिम एशिया में गहराते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत सरकार ने अपनी चौकसी बढ़ा दी है। शनिवार को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय अनौपचारिक मंत्री समूह की चौथी बैठक संपन्न हुई। बैठक का मुख्य एजेंडा युद्धग्रस्त क्षेत्र में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर की समीक्षा करना था।
बैठक के बाद रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार पल-पल की स्थिति पर नजर रख रही है। उन्होंने कहा, “हमारा प्राथमिक उद्देश्य अपने नागरिकों की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना है।” इस बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और मनोहर लाल सहित कई कैबिनेट मंत्री शामिल हुए।
बैठक में ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ में जारी व्यवधान पर चिंता व्यक्त की गई, जो तेल और गैस की आपूर्ति का प्रमुख जलमार्ग है। हालांकि ईरान और अमेरिका के बीच फिलहाल संघर्ष विराम है, लेकिन सरकार किसी भी आपात स्थिति के लिए ‘बैकअप’ प्लान तैयार कर रही है ताकि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति बाधित न हो।