प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पश्चिम बंगाल के झारग्राम में आयोजित ‘विजय संकल्प सभा’ को संबोधित करते हुए राज्य की सत्तारूढ़ टीएमसी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह चुनाव बंगाल की पहचान और समृद्ध विरासत को बचाने के लिए महत्वपूर्ण है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल अपनी पहचान खोने के खतरे का सामना कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी जिस दिशा में आगे बढ़ रही है, उसका एजेंडा खतरनाक है और पार्टी ऐसी व्यवस्था स्थापित करना चाहती है, जिसमें घुसपैठियों के हितों को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने कहा कि टीएमसी ऐसी सरकार बनाने की ओर बढ़ रही है, जो घुसपैठियों के धर्म, भाषा और तौर-तरीकों की रक्षा करेगी, जबकि स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी कारण राज्य के विभिन्न वर्गों और समुदायों में बदलाव की इच्छा दिखाई दे रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने टीएमसी सरकार के 15 वर्षों के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस अवधि में राज्य, विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों को अपेक्षित लाभ नहीं मिला। उन्होंने कहा, “न पढ़ाई, न कमाई, न दवाई और न ही सिंचाई… यहां हर क्षेत्र में हालात खराब हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी सत्ता पक्ष पर निर्भर रहना पड़ता है और जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं से दूर हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में आदिवासियों की जमीन पर अवैध कब्जे हुए हैं और स्थानीय लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली आपूर्ति को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई और कहा कि कई इलाकों में बिजली लंबे समय तक नहीं रहती, जबकि बिल नियमित रूप से आते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ऐसी स्थितियों को बदलने के लिए प्रतिबद्ध है और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे राज्य में भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी और बिजली बिल से राहत देने के प्रयास किए जाएंगे, जिसके लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना लागू की गई है।
महिलाओं के आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 2029 से महिलाओं को आरक्षण का लाभ देने का प्रयास किया, लेकिन टीएमसी ने संसद में इसका विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कारण राज्य की महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।